Wednesday, October 23, 2013

कहानी फिल्म प्यासा के एक गाने की !!!

"हम आपके आंखो में इस दिल को बंसा दे तो, हम मुंद को पलकों को इस दिल को सजा दे तो "
फिल्म प्यासा का ये सुरीला गाना हमने और आपने कई बार सुना होगा.
जितनी भी बार ये गाना सुनो या देखो उतनी ही बार ये गाना दिल को छु जाता है.
गाने को सुनकर हर बार जुबान से एक ही लब्ज निकलता है "वाह".

लेकिन क्या आप जानतें हैं कि गुरुदत्त की क्लासिक फिल्म प्यासा का हिस्सा ये गाना कैसे बना.
दरअसल प्यासा कहानी थी एक बदकिस्मत शायर विजय की.
जो प्यार के साथ साथ जिंदगी से भी हार जाता है.
अब गुरुदत्त इस फिल्म को बेहद संजीदगी से बनाना चाहतें थे लिहाजा फिल्म में गानों के बजाय वो सिरफ साहिर लुधियानवी की गहरी शायरी डालना चाहतें थे.
हुआ भी कुछ ऐसे ही गुरुदत्त ने फिल्म  इंटेस गीत तो डाल दिये लेकिन फिल्म इतनी सिरीअस बन गई कि इसके लिए गुरुदत्त साहब को कोई डिस्ट्रीब्युटर ही नही मिला.
डिस्ट्रीब्युटर्स के मुताबिक फिल्म काफी इंटेस बन गई है लिहाजा हेवी इमोशन्स से पब्लिक को कुछ पलों की राहत मिलें इसलिए फिल्म में एकाद रोमांटिक गाना होना चाहिए
लिहाजा डिस्ट्रीब्युटर को खुश करने के लिए फिल्म में एक ड्रीम सीक्वेन्स के तहत गुरुदत्त ने इश खुबसुरत रोमांटिक नंबर को फिल्म में एड किया. 

2 comments:

  1. फ़िल्मी दुनिया के अफसाने, वैशलि जी के कलम से सजे नए पुराने कुछ अनकही - अनसुनी फ़िल्मी अफसाने।।

    ReplyDelete
  2. एक छोटी सी कोशिश है फिल्मी दुनिया के इन सुने अनसुने किस्सों को आप तक पहुंचाकर आपका दिल छुने की...

    ReplyDelete